विवाह रेखा आपकी शादी के बारे में खोलती है ये बड़े राज, जानें अपनी रेखा का रहस्य :
विवाह रेखा आपकी शादी के बारे में खोलती है ये बड़े राज, जानें अपनी रेखा का रहस्य :
हस्तरेखा शास्त्र में विवाह रेखा का विशेष महत्व है, जो हथेली पर छोटी उंगली के नीचे स्थित होती है।
यह रेखा व्यक्ति के विवाह और वैवाहिक जीवन से जुड़े कई संकेत देती है।
लंबी, टूटी हुई या दोहरी विवाह रेखाएं शादी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती हैं, जिससे भविष्य का अनुमान लगाया जा सकता है।
ज्योतिषशास्त्र के प्रकार ही हस्तरेखा शास्त्र का भी बेहद खास महत्व होता है।
इसमें मनुष्य की हाथ की रेखाओं और पर्वतों को देखकर उसके स्वभाव, जीवन व भविष्य के बारे में जाना जाता है।
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हस्तरेखा शास्त्र में हृदय रेखा, भाग्य रेखा, जीवन रेखा आदि का वर्णन मिलता है।
इन्हीं में से एक है विवाह रेखा जिसे देखकर आप अपनी शादी के बारे में कई बड़ी बातें जान सकते हैं।
यह रेखा हथेली में छोटी उंगली के नीचे और हृदय रेखा के ऊपर मौजूद होती है।
इससे शादी के बारे में मनुष्य को कई छोटे-बड़े संकेत मिल सकते हैं।
आज हम आपको विस्तार से बताएंगे कि लंबी, टूटी हुई, दोहरी आदि विवाह रेखाओं का क्या अर्थ होता है और यह हमें क्या संकेत देते हैं।
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लंबी और सीधी विवाह रेखा का रहस्य :
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हथेली पर एक लंबी और सीधी विवाह रेखा के मौजूद होने का अर्थ होता है कि विवाह के बाद आपके रिश्ते में तालमेल बना रह सकता है।
विवाह रेखा का गहरा होना इस बात का संकेत होता है कि आपका वैवाहिक जीवन खुशहाली और प्रेम से भरपूर रहेगा।
साथ ही, आपको भरोसेमंद और सहयोगी जीवनसाथी मिलेगा।
शादी के बाद आप दोनों ही रिश्ते को हमेशा अटूट और मजबूत बनाए रखने के लिए प्रयास करते हैं।
साथ ही, हर चुनौती का एक साथ सामना कर सकते हैं।
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ऐसी विवाह रेखा वाले शादी को लेकर रहते हैं सतर्क :
माना जाता है कि जिन लोगों के हाथ पर विवाह रेखा ज्यादा लंबी नहीं होती है वे अपनी शादी और रिश्तों को लेकर सोच-समझकर फैसला लेना पसंद करते हैं।
ऐसे लोग काफी संयमित और सतर्क रहते हैं।
इन्हें अपने रिश्तों और विवाह में फैसले जल्दबाजी में लेना पसंद नहीं होता है।
छोटी विवाह रेखा यह भी संकेत देती है कि आपके लाइफ में रोमांस और सहानुभूति की भावना थोड़ी कम हो सकती है।
ऐसी लाइन होने पर शादी होती है सफल :
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, अगर हथेली पर केवल एक विवाह रेखा गहरी बनी हुई हो, तो यह संकेत देती है कि आपको एक वफादार जीवनसाथी मिलेगा और आप उनके साथ हमेशा खुश रहेंगे।
इस रेखा का अर्थ माना जाता है कि आपका विवाह सफल रहेगा और लंबे समय तक चलेगा।
ऐसे लोगों को जीवनसाथी बहुत साथ देना वाला मिलता है और शादी के बाद इनका रिश्ता हमेशा मजबूत भी बना रह सकता है।
बाधाओं और कठिनाइयों को दर्शाती है ऐसी विवाह रेखा :
अगर किसी व्यक्ति के हाथ पर विवाह रेखा टूटी हुई हो तो यह संकेत देती है कि आपको वैवाहिक जीवन में कुछ कठिनाइयों और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
जीवनसाथी के साथ अक्सर मतभेद हो सकते हैं।
ऐसे में रिश्ता मजबूत बनाए रखने के लिए दोनों को ही प्रयास करने पड़ सकते हैं।
टूटी हुई रेखा यह भी संकेत देती है कि चुनौतियों के साथ - साथ खुशनुमा पल भी आपके जीवन में आते रह सकते हैं।
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ऐसी रेखा होने पर वैवाहिक जीवन रहता है सुखी :
हथेली पर विवाह रेखा अगर ऊपर की तरफ मुड़ी हुई हो तो यह संकेत देती है कि आपका वैवाहिक जीवन अच्छा रहने वाला है।
साथ ही, जीवनसाथी के साथ रिश्ता मजबूत बनता है और दोनों के जीवन में सदैव सकरात्मकता बनी रहती है।
आप दोनों ही एक दूसरे का सहयोग और समर्थन करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
ऐसी विवाह रेखा एक सफल शादी का संकेत देती है।
हथेली में दो विवाह रेखा होने का मतलब :
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, अगर हथेली में दो विवाह रेखा एक बराबर लंबाई वाली मौजूद हों तो यह संकेत देती है कि आपका किसी के साथ बेहद गहरा रिश्ता बन सकता है।
लेकिन किसी कारणवश विवाह नहीं हो पाता।
ऐसे में कुछ समय बाद किसी और से शादी करनी पड़ सकती है।
यह रेखा शादी से जुड़े केवल कुछ संकेत देती है।
सटीकता के लिए हस्तरेखा शास्त्र में कई और चीजों को भी देखा जाता है।
हाथ की इन तीन रेखाओं के बारे में जानने वाला, समझने लगता है भविष्य के संकेत :
हस्तरेखा विज्ञान में तीन प्रमुख रेखाओं को समझने से जीवन के रहस्य उजागर होने लगते हैं।
मस्तिष्क रेखा व्यक्ति की बुद्धि, सोच और निर्णय क्षमता के बारे में बताती है।
हृदय रेखा प्रेम, करुणा और भावनात्मक गहराई को दर्शाती है।
वहीं जीवन रेखा स्वास्थ्य, ऊर्जा और आयु का संकेत देती है।
मस्तिष्क रेखा का अर्थ है व्यक्ति की मानसिकता...!
हृदय रेखा का अर्थ है स्नेह...!
जीवन रेखा अर्थात् व्यक्ति की जीवन अवधि...!
जब तक कोई अनुभव हमारी इंद्रियों या अंतर्मन से न जुड़ जाए, तब तक उस पर विश्वास करना कठिन होता है, यही कारण है कि दुनिया में आस्तिक और नास्तिक जैसी दो विचारधाराएं हैं।
ये दोनों विचारधाराएं एक - दूसरे से भिन्न होते हुए भी गहराई में जाकर देखे जाएं तो एक - दूसरे पर अन्योन्याश्रित हैं।
मानव की जिज्ञासा और उसकी आस्था तथा निराशा के बीच ज्योतिष शास्त्र, हस्तरेखा विज्ञान एक अनोखा सेतु है।
हथेली की रेखाएँ व्यक्ति की प्रवृत्तियों, क्षमताओं और स्वभाव की गुप्त चाबी हैं।
जैसे जन्मकुण्डली में ग्रह संकेत रूप में व्यक्ति के बारे में सब कुछ बता देते हैं, उसी प्रकार से हाथों की लकीरें बहुत सारे रहस्यों का पर्दाफाश करती हैं।
इस लिए प्राचीन ऋषियों से लेकर आधुनिक विद्वानों तक, हर युग में ज्योतिष शास्त्र के अन्तर्गत हस्तरेखा तथा जन्मकुण्डली विज्ञान, मानव स्वभाव और नियति को समझने का एक सशक्त माध्यम है।
अध्यात्मिकवेत्ताओं के अनुसार ब्रह्मांड के सारे नियम मनुष्य के जीवन पर भी लागू होते हैं।
ज्योतिष शास्त्र कार्य - कारण सिद्धांत के अनुसार चलता है।
जैसे किसी बीज में भविष्य का पेड़ छिपा होता है, वैसे ही किसी व्यक्ति की हथेली और उसकी जन्मकुण्डली में उसका भविष्य और व्यक्तित्व की दिशा अंकित होती है।
ज्योतिष शास्त्र, हस्तरेखा, जन्मकुण्डली इत्यादि के द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को केवल भविष्यवाणी तक ही सीमित नहीं करना चाहिए...!
बल्कि ये प्रकृति द्वारा जीवन में दी गई अनन्त संभावनाओं को पहचानने का माध्यम है।
अनन्त सम्भावनाओं में से व्यक्ति अपने लिए, अपनी सफलता के लिए सम्भावनाओं का चयन कर उस पर दृढ़ विश्वास के साथ आगे बढ़ अपना भविष्य बना सकता है।
मस्तिष्क रेखा है व्यक्ति की मानसिकता का दर्पण - मस्तिष्क रेखा हथेली में व्यक्ति की बुद्धि, विचार शक्ति और मानसिक प्रवृत्ति को दर्शाती है।
हृदय रेखा है स्नेह और भावनाओं की पहचान - हृदय रेखा प्रेम, करुणा और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है।
जीवन रेखा है जीवन शक्ति और आयु का संकेत - जीवन रेखा व्यक्ति की आयु, जीवनशक्ति और स्वास्थ्य को दर्शाती है।
हथेली की तीन रेखाओं को विस्तार से जानने वाला भविष्य की दिशा समझने लगता है।

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