वैदिक हस्तरेखाशास्त्र/सामुद्रिकशास्त्र :
प्रेम और विवाह की सफलता का रहस्य :
वैदिक हस्तरेखाशास्त्र अनुसार हथेली का शुक्र पर्वत और जन्म कुंडली का शुक्र ग्रह प्रेम और विवाह की सफलता का रहस्य, शुक्र ग्रह का संबंध ऐश्वर्य, भौतिक सुखों से जुड़ा हुआ है।
वैदिक हस्तरेखाशास्त्र और वैदिक ज्योतिष शास्त्र अनुसार जिनकी जन्मपत्री में शुक्र बलवान होता है एवं हाथ की हथेलियों में शुक्र पर्वत विकसित होता है, उन्हें प्रेम में सफलता और दाम्पत्य जीवन में जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग प्राप्त होता है।
वैदिक हस्तरेखाशास्त्र और वैदिक ज्योतिष शास्त्र अनुसार जिनका शुक्र निर्बल होता है, उन्हें वैवाहिक जीवन में दुःखों का अधिक सामना करना पड़ता है।
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वैदिक हस्तरेखाशास्त्र और वैदिक ज्योतिष शास्त्र अनुसार शुक्र प्रधान व्यक्तियों का सुन्दर एवं कलात्मक वस्तुओं के प्रति रुझान स्वाभाविक ही होता है।
अंगूठे के दूसरे पौरुए के नीचे तथा आयु - रेखा से जो घिरा हुआ स्थान होता है उसे हस्तरेखा विशेषज्ञ शुक्र पर्वत कहते हैं।
यूनान में शुक्र को सुन्दरता की देवी कहा गया है।
वैदिक हस्तरेखाशास्त्र और वैदिक ज्योतिष शास्त्र अनुसार शक्र पर्वत का उभार व्यक्ति को तेजस्वी और लावण्यमान बना देता है।
इस के चेहरे में कुछ ऐसा आकर्षण होता है, जिसकी वजह से लोग उसकी ओर आकृष्ट रहते हैं।
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जिस के हाथ में शुक्र पर्वत श्रेष्ठ स्तर का होता है वह व्यक्ति सुन्दर और सम्पन्न होता है।
यदि किसी व्यक्ति के हाथ में शुक्र पर्वत कम विकसित हो तो उसमें आकर्षण आदि की कमी होती है।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र और हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार जिन लोगों के हाथों में शुक्र पर्वत जरूरत से ज्यादा विकसित होता है, वे व्यक्ति भोग - विलास के प्रति आकर्षित जल्दी हो जाते हैं।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र अनुसार में भी शुक्र ग्रह को ऐश्वर्य, भोग - विलास, सम्पन्नता का प्रतीक माना गया है।
यदि किसी के हाथ में शुक्र पर्वत का अभाव होता है, तो वह व्यक्ति साधु - सन्यासी की तरह जीवन - यापन करता है, गृहस्थ जीवन में उसकी रुचि नहीं के बराबर होती है।
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यदि शुक्र पर्वत का विकास पूरी तरह से हुआ हो, लेकिन व्यक्ति की मस्तिष्क रेखा सन्तुलित न हो, तो वह व्यक्ति प्रायः प्रेम के क्षेत्र में असफलता और बदनामी प्राप्त करता है।
यदि हथेली चिकनी एवं मुलायम हो तथा उस पर शुक्र पर्वत पूर्णतः विकसित हो तो ऐसे व्यक्ति एक सफल प्रेमी तथा उत्कृष्ट कोटि के कवि होते हैं।
शुक्र पर्वत की अनुपस्थिति व्यक्ति के जीवन में दुख तथा परेशानियां भर देती है, निर्बल शुक्र जन्मपत्री में भी होने पर ऐसे लोगों का दांपत्य जीवन अपूर्ण एवं कष्टमय होता है।
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यदि शुक्र पर्वत सामान्य रूप से विकसित हो तो वह व्यक्ति सुन्दर एवं संवेदनशील होता है।
यदि शुक्र पर्वत मंगल की ओर झुका हुआ हो तो वह प्रेम के क्षेत्र में कठोर प्रवृत्ति का हो जाता है।
शुक्र प्रधान व्यक्तियों के जीवन में मित्रों की संख्या बहुत अधिक होती है तथा ये अपने जीवन में प्रेम और सौन्दर्य को महत्वपूर्ण स्थान देते हैं।
हंसने के तरीके से जानें जीवन के कई रहस्य :
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, इसी तरह सभी के हंसने का तरीका भी अलग - अलग होता है।
शरीर के अलग - अलग अंगों की बनावट और साइज हमें हमारी पर्सनालिटी और लाइफ के बारे में बहुत कुछ बताते हैं।
आप किसी के हंसने के तरीके से उनके व्यक्तित्व और जीवन के बारे में बहुत कुछ जान सकते हैं।
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वैदिक ज्योतिष शास्त्र हस्तरेखा शास्त्र और सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार हमारी मुस्कान हमें अपने जीवन और व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ बताती है।
तो आइए विस्तार से जानते हैं कि हमारे हंसने का तरीका व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में क्या - क्या बताता है।
हर किसी की मुस्कान बेहद खूबसूरत होती है।
लेकिन हर व्यक्ति के हंसने का तरीका अलग - अलग होता है।
कोई खुलकर हंसता है, कोई आंखें बंद करके हंसता है, इसी प्रकार सभी की मुस्कान अलग होती है।
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सबसे उत्तम ऐसी हंसी होती है :
वैदिक ज्योतिष शास्त्र हस्तरेखा शास्त्र और सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार हंसते वक्त जिन लोगों के दांत बाहर की ओर नहीं आते हैं उन्हें बहुत उत्तम माना जाता है।
ऐसे लोगों का व्यक्तित्व बहुत अच्छा होता है और इनका स्वभाव भी बहुत सरल होता है।
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जिन लोगों के दांत हंसते वक्त न दिखाई दे उन्हें बहुत सौभाग्यशाली माना जाता है।
इन लोगों को विश्वास योग्य भी माना जाता है।
ये लोग किसी का भी विश्वास नहीं तोड़ते हैं और हमेशा साथ खड़े रहते हैं।
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मन की बात नहीं करते जाहिर ऐसी हंसी वाले :
वैदिक ज्योतिष शास्त्र हस्तरेखा शास्त्र और सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार माना जाता है कि जो व्यक्ति हंसते वक्त अपनी आंखें बंद कर लेता है, ऐसे लोग अपने मन की बात खुलकर किसी के सामने नहीं रखते हैं।
आंखें बंद करके हंसने वाले लोग कई बातों को अपने मन में छिपाकर रखते हैं।
कोई परेशानी आने पर भी ये बात को अंदर ही रखते हैं और समस्या का सामना अकेले करते हैं।
ये लोग अपने तरीके से जीवन जीना पसंद करते हैं।
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जीवनभर करते हैं उन्नति ऐसे लोग :
वैदिक ज्योतिष शास्त्र हस्तरेखा शास्त्र और सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, जिनका मुख हमेशा मुस्कुराता हुआ रहता है वह जीवन में खूब उन्नति करते हैं।
इन्हें कभी भी किसी चीज की कमी महसूस नहीं होती है।
साथ ही, अपनी मेहनत से हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करते हैं और बेहतर जीवन व्यतीत करते हैं।
आपने कई लोगों को देखा होगा कि वे हमेशा मुस्कुराते हुए नजर आते हैं और उनके चेहरे पर एक हल्की हंसी जरूर रहती है।
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सौभाग्यशाली स्त्री की ऐसी हंसी होती है :
वैदिक ज्योतिष शास्त्र हस्तरेखा शास्त्र और सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार ऐसी महिलाएं अपने मन की प्रसन्नता को खुलकर व्यक्त करती हैं।
साथ ही, ये शांति पसंद करती हैं और किसी भी परिस्थिति में धैर्य रखती हैं।
यही कारण है कि ये मुश्किल परिस्थिति से भी आसानी से निकल जाती हैं और जीवन में भी खूब तरक्की करती हैं।
जिन महिलाओं के हंसते वक्त दांत नहीं दिखाई देते हैं और वे थोड़ा सा मुख खोलकर हंसे, ऐसी स्त्रियों को बहुत सौभाग्यशाली माना जाता है।
यही कारण है कि ये मुश्किल परिस्थिति से भी आसानी से निकल जाती हैं और जीवन में भी खूब तरक्की करती हैं।
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ऐसी महिलाएं खुलकर जीवन जीती हैं :
हस्तरेखा शास्त्र और सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार इन्हें खुलकर जीना पसंद होता है।
चाहें लोग इन्हें अहंकारी ही क्यों न समझें, ये जिंदादिली से जीवन जीना पसंद करती हैं।
आपने कई स्त्रियों को एकदम खुलकर यानी ठहाका मारकर ऊंचे स्वर में हंसते हुए देखा होगा।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, जो महिलाएं ठहाका मारकर हंसती हैं वे अपने तरीके से जीवन जीना पसंद करती हैं और दुनिया की परवाह नहीं करती हैं।
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परेशानियां इन्हें उठानी पड़ती हैं :
वैदिक ज्योतिष शास्त्र हस्तरेखा शास्त्र और सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार बताया गया है कि जो हंसते वक्त तेज आवाज निकालते हैं, उनका व्यवहार थोड़ा बदलने वाला होता है।
ये परिस्थिति के अनुसार अपने आप को बदल लेते हैं।
साथ ही, ये बहुत बुद्धिमान और चतुर भी होते हैं।
इसी के चलते अपना काम भी बहुत आसानी से पूरा कर लेते हैं।
लेकिन कहा जाता है कि तेज हंसने वालों को जीवन में कठिनाइयों और बाधाओं का सामना भी करना पड़ता है।
हर हर महादेव जय मां अंबे मां !!!!! शुभमस्तु !!!
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