जानें हस्तरेखा से भविष्य.....!
जानें हस्तरेखा से भविष्य....!/शकुन शास्त्र..!
क्षीण शनिरेखा एवं चन्द्र - क्षेत्र से उदित आकस्मिक रेखा
( भाग्योदय का शुभ संकेत )
क्षीण शनि रेखा एवं चंद्र क्षेत्र उदित आकस्मिक रेखा ( भाग्योदय के शुभ संकेत )
श्री वैदिक ज्योतिषशास्त्रविद्या, श्री खगोलशास्त्रविद्या, श्री हस्तरेखाशास्त्रविद्या, श्री ऋग्वेद, श्री यजुर्वेद, श्री भविष्य पुराण, श्री नारद पुराण एवं श्री अग्नि पुराण सहित वैदिक परंपरा के अनुसार।
शुभ संकेत :
यदि हस्तरेखा में शनि रेखा क्षीण ( कमज़ोर ) हो, किंतु चंद्र क्षेत्र से उठकर एक आकस्मिक रेखा शनि पर्वत अथवा भाग्यरेखा से जुड़ती हो, तो इसे अनेक हस्तरेखा परंपराओं में जीवन में अचानक भाग्योदय, शुभ अवसर, दूर स्थान अथवा विदेश से लाभ, सम्मान तथा कर्मों के जागरण का संकेत माना जाता है।
यदि शनिरेखा प्रारम्भ में क्षीण व दूषित है...!
एवं चन्द्र पर्वत से आकस्मिक रेखा प्रकट होती हो...!
Spillbox Kapoor|Karpoor Diya Deepam Deepa Burner Brass Karpuram Arati|Aarti|Arthi|Arti|Arathi|Aarathi Stand for Dhoop Puja|Home and Office Decoration[Weight:70g]–Ganga-Karpoor-Stand
| { Shape | Round |
| Material | Brass |
| Brand | Spillbox |
| Colour | Gold |
| Item Weight | 70 Grams |
| Product Dimensions | 43.2L x 15.5W x 17.8Th Centimeters |
| Number of Items | 1 |
| Manufacturer | 2/852, manapakkam-mugalivakkam road, mugalivakkam, chennai-600125, 9790759198, SPILLBOX INNOVATION LLP2/852, manapakkam-mugalivakkam road, mugalivakkam, chennai-600125, 9790759198, SPILLBOX INNOVATION LLP |
| Net Quantity | 1.00 Count } |
{ About this item
- 1. Premium quality solid brass karpoor aarti designed for daily pooja, temple rituals, and festival occasions with a traditional polished finish that enhances spiritual ambience.
- 2. A strong and comfortable long handle provides safe grip while performing camphor aarti, protecting hands from heat during use.
- 3. Compact and lightweight design (approx. 70 g) makes it easy to hold, carry, and store for regular home or mandir use.
- 4. A stable round base with a deep camphor holder ensures secure placement and proper burning of karpur during aarti rituals.
- 5. Ideal for Diwali, Navratri, housewarming, temple ceremonies, and gifting purposes for family and loved ones. }
संभावित फल :
- संघर्ष के बाद अचानक सफलता।
- नौकरी या व्यवसाय में उन्नति।
- भाग्य का धीरे-धीरे उदय।
- प्रभावशाली व्यक्तियों का सहयोग।
- विदेश अथवा दूर स्थान से लाभ।
- धन, मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा में वृद्धि।
- रुके हुए कार्यों में सफलता।
- नए अवसर और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन।
तो ऐसे में यदि यह आकस्मिक रेखा निर्दोष रूप से उदित हुई हो...!
नियम :
- सत्य एवं धर्म का पालन करें।
- माता-पिता एवं गुरु का सम्मान करें।
- परिश्रम और धैर्य कभी न छोड़ें।
- क्रोध, अहंकार एवं छल-कपट से बचें।
- न्यायपूर्ण आचरण रखें।
- नियमित ईश्वर स्मरण एवं सात्त्विक जीवन अपनाएँ।
तो जातक किसी बाहरी व्यक्ति ( प्रेमी ) से प्रभावित होगा।
वैदिक उपाय :
- प्रतिदिन ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र की 108 माला नहीं, बल्कि 108 बार श्रद्धापूर्वक जप करें।
- प्रत्येक सोमवार भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
- शनिवार को तिल के तेल का दीपक जलाएँ।
- काले तिल, उड़द या आवश्यकतानुसार दान करें।
- पीपल वृक्ष की सेवा करें।
- गौ, पक्षियों एवं जरूरतमंदों को भोजन कराएँ।
- श्रीहनुमान चालीसा एवं शनिदेव की स्तुति का पाठ करें।
- योग्य गुरु का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त करें।
तथा विपरीत लिंगी की सहायता उन्नति पथ की ओर आगे बढ़ने का शुभ संकेत...!
यह भाग्यरेखा दे रही है।
हस्तरेखा समय के साथ बदल सकती है।
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जानें हस्तरेखा से भविष्य.....!
चन्द्र क्षेत्र से उदित भाग्यरेखा
( विवाह द्वारा भाग्योदय )
चन्द्र क्षेत्र से उदित भाग्य रेखा ( विवाह द्वारा भाग्योदय के शुभ संकेत )
यदि शनिरेखा चन्द्र पर्वत से उदय होती हुई शनि पर्वत की ओर आगे बढ़ती है...!
चन्द्र क्षेत्र से उदित भाग्य रेखा का महत्व :
हस्तरेखाशास्त्र में यदि भाग्य रेखा चन्द्र क्षेत्र ( चन्द्र पर्वत ) से प्रारंभ होकर शनि पर्वत की ओर बढ़ती है, तो इसे कुछ पारंपरिक हस्तरेखा मतों में यह संकेत माना जाता है कि व्यक्ति की उन्नति में दूसरों का सहयोग, जनसंपर्क, जीवनसाथी, दूरस्थ स्थान, विदेश अथवा समाज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
तो जातक को विवाह के बाद आशातीत सफलता मिलती है।
यदि जन्मकुंडली में सप्तम भाव, सप्तमेश, शुक्र ( पुरुष की कुंडली में ), गुरु ( स्त्री की कुंडली में ), नवम भाव तथा दशम भाव शुभ एवं बलवान हों तथा गोचर और दशा भी अनुकूल हों, तो विवाह के पश्चात भाग्योदय, आर्थिक उन्नति और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग प्रबल हो सकते हैं।
«महत्वपूर्ण: केवल एक हस्तरेखा देखकर विवाह से भाग्योदय का निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
अंतिम
फलादेश जन्मकुंडली, प्रश्नकुंडली, दशा, गोचर तथा संपूर्ण हस्तरेखा के संयुक्त अध्ययन से ही किया जाना चाहिए।»
अथवा अपने परम प्रेमी किसी विपरीत लिंगी के माध्यम से जातक सफलता के शिखर को छूता है।
विपरीत लिंगी का यह सहयोग आर्थिक भी हो सकता है...!
संभावित शुभ फल :
- विवाह के बाद भाग्य में वृद्धि।
- जीवनसाथी का सहयोग एवं प्रेरणा।
- ससुराल पक्ष से सहयोग या अवसर।
- धन, वैभव एवं प्रतिष्ठा में वृद्धि।
- विदेश या दूर स्थान से लाभ।
- समाज में सम्मान और लोकप्रियता।
- पारिवारिक सुख एवं समृद्धि।
- धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रगति।
नियम
- पति-पत्नी एक-दूसरे का सम्मान करें।
-
वैवाहिक जीवन में सत्य, विश्वास और मधुर व्यवहार रखें।
- माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करें।
- धर्म, दान और सेवा को जीवन का अंग बनाएं।
- क्रोध, अहंकार और कटु वाणी से बचें।
- परिवार में प्रेम, सहयोग और सद्भाव बनाए रखें।
या अच्छे सलाहकार के रूप से भी हो सकता है।
मैंने बहुत से जीवन्त दृष्टान्तों में यह पाया है...!
कि ऐसे सफल जातक को आगे उठाने में उनकी पत्नियों का सहभाग प्रमुख रूप से मुखरित रहा है।वैदिक उपाय :
- ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जप करें।
- शुक्रवार को माता लक्ष्मी एवं शुक्र ग्रह की श्रद्धापूर्वक पूजा करें।
- गुरुवार को भगवान विष्णु एवं बृहस्पति देव की आराधना करें।
- विवाहित दंपति समय-समय पर अन्न, वस्त्र एवं गौसेवा का यथाशक्ति दान करें।
- कन्याओं, वृद्धों और जरूरतमंदों की सेवा करें।
- घर में नियमित रूप से रामायण, श्रीमद्भागवत अथवा शिवपुराण का पाठ या श्रवण करें।
निष्कर्ष :
चन्द्र क्षेत्र से उदित भाग्य रेखा अनेक पारंपरिक हस्तरेखा मतों में विवाह, जनसंपर्क, जीवनसाथी अथवा बाहरी सहयोग के माध्यम से जीवन में उन्नति का एक शुभ संकेत मानी जाती है।
किन्तु इसका वास्तविक फल तभी प्रकट होता है जब जन्मकुंडली, प्रश्नकुंडली, ग्रहों की दशा, गोचर और व्यक्ति के सत्कर्म भी अनुकूल हों।
शकुन शास्त्र :
शकुन शास्त्र घर में किन जीवों का दिखना होता है शुभ संकेत , जानें क्या कहता है....!
शकुन शास्त्र अपने पूर्वजों के समय से ही हम शगुन अपशगुन जैसे शब्द सुनते आए हैं।
यह शब्द हमारे आसपास हो रही घटनाओं से संबंधित होते हैं।
चलिए शकुन शास्त्र से यह जान लेते हैं किन जीवों का दिखना शुभ होता है।
हमारे जीवन में जितनी भी घटनाएं होती हैं...!
उन सभी को हम शगुन और अपशगुन से जोड़कर देखते हैं।
निकलते समय किसी को छींक होना...!
बिल्ली का रास्ता काटना...!
पूजा करते समय थाली से सामान गिरना या फिर कोई दूसरी चीज सभी बातों को मानने के पीछे हमारे पास कोई ना कोई वजह होती है।
शकुन शास्त्र एक ऐसा ही माध्यम है...!
जो हमें चीजों के पीछे छुपे हुए संकेत के बारे में बताता है।
शकुन शास्त्र एक ऐसी विद्या है...!
जो जीव जंतु , पेड़ पौधों और हमारे डेली रूटीन में होने वाली घटनाओं से संबंधित संकेत की जानकारी प्रदान करती है।
कई बार हमें अपने आसपास कुछ जीव जंतु दिखाई देते हैं।
इन में से कुछ का दिखाना बहुत शुभ माना गया है और कुछ की वजह से अशुभ फल मिलने की बात भी कही जाती है।
चलिए आज हम आपको उन जीवों के बारे में बताते हैं जो घर में अच्छी खबर लेकर आते हैं और इनका दिखना शुभ माना गया है।
क्या कहता है शकुन शास्त्र (Shakun Shastra)
छिपकली :
अगर आपको अपने घर में छिपकली दिखाई दे रही है तो यह काफी शुभ माना गया है।
वहीं अगर एक साथ तीन छिपकली दिख जाती है तो समझ लीजिए....!
कि घर में सुख समृद्धि का वास होने वाला है।
घर में जितने भी सदस्य हैं उन्हें तरक्की की प्राप्ति होगी।
दीवार पर चिपकी हुई छिपकली खुशखबरी मिलने का संकेत देती है।
जमीन पर रेंग रही छिपकली धन लाभ होने की खबर लेकर आती है।
पक्षियों का दिखना :
अगर आपको अपने घर के आंगन में पक्षी फुदकते हुए दिखाई दे रहे हैं...!
तो यह खुशहाली का संकेत लेकर आए हैं।
सुबह - सुबह अगर कोई चिड़िया बालकनी या छत पर नजर आती है...!
तो यह पूरा दिन खुशियों से गुजरने का संकेत है।
यह हमें बताती है कि कोई ना कोई शुभ अवसर और खबर आप तक आने वाली है।
काली चींटियां :
अपने घरों में अक्सर हम काली चीटियों का झुंड देखते हैं।
यह मैं बताती है कि जो मुसीबत चल रही है वह दूर होने वाली है और जल्द ही खुशी आएंगी।
काली चीटियों का दिखाना अच्छे दिन की शुरुआत माना जाता है।
दरअसल यह माता लक्ष्मी का रूप होती है और आर्थिक तंगी दूर होने का संकेत लेकर आती हैं।
तितली आना :
कई बार हमें घर में अचानक से ही तितली उड़ती हुई दिखाई देती है।
यह शुभ समाचारों के आने का संकेत है।
अगर रंगीन तितली नजर आ रही है तो यह लव लाइफ में खुशियों की बौछार लेकर आती है।
कली तितली हमें संदेश देती है कि करियर और बिजनेस में मुनाफे की प्राप्ति होने वाली है।
तोता :
अगर आपको अपने घर में अचानक तोता दिखाई देता है...!
तो यह बहुत शुभ परिणाम लेकर आता है।
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इस का संबंध भगवान कुबेर से माना जाता है।
अगर आपके घर में यह नजर आ जाए तो समझ लीजिए की सुख समृद्धि आपके घर में आ चुकी है।
शकुन शास्त्र के 12 सूत्र :
घर में हर छोटी वस्तु का अपना महत्व होता है।
कभी - कभी बेकार समझी जाने वाली वस्तु भी घर में अपनी उपयोगिता सिद्ध कर देती है।
गृहस्थी में रोजाना काम में आने वाली चीजों से भी शकुन - अपशकुन जुड़े होते हैं....!
जो जीवन में कई महत्वपूर्ण मोड़ लाते हैं।
शकुन शुभ फल देते हैं....!
वहीं अपशकुन इंसान को आने वाले संकटों से सावधान करते हैं।
हम आपको घर से जुड़ी वस्तुओं के शकुनों के बारे में बता रहे हैं।
1 - दूध का शकुन :
सुबह - सुबह दूध को देखना शुभ कहा जाता है।
दूध का उबलकर गिरना शुभ माना जाता है।
इस से घर में सुख - शांति, संपत्ति, मान व वैभव की उन्नति होती है।
दूध का बिखर जाना अपशकुन मानते हैं...!
जो किसी दुर्घटना का संकेत है।
दूध को जान - बूझकर छलकाना अपशकुन माना जाता है....!
जो घर में कलह का कारण है।
2-दर्पण का शकुन :
हर घर में दर्पण का बहुत महत्व है।
दर्पण से जुड़े कई शकुन - अपशकुन मनुष्य जीवन को कहीं न कहीं प्रभावित अवश्य करते हैं।
दर्पण का हाथ से छूटकर टूट जाना अशुभ माना जाता है।
एक वर्ष तक के बच्चे को दर्पण दिखाना अशुभ होता है।
यदि कोई नव विवाहिता अपनी शादी का जोड़ा पहन कर श्रृंगार सहित खुद को टूटे दर्पण में देखती है तो भी अपशकुन होता है।
तात्पर्य यह है कि दर्पण का टूटना हर दृष्टिकोण से अशुभ ही होता है।
इस के लिए यदि दर्पण टूट जाए तो इसके टूटे हुए टुकड़ों को इकटठा करके बहते जल में डाल देने से संकट टल जाते हैं।
3-पैसे का शकुन :
आज के इस युग में पैसे को भगवान माना जाता है।
जेब को खाली रखना अपशकुन मानते हैं।
कहा जाता है कि पैसे को अपने कपड़ों की हर जेब में रखना चाहिए।
कभी भी पर्स खाली नहीं रखना चाहिए।
4-चाकू का शकुन :
चाकू एक ऐसी वस्तु है, जिसके बिना किसी भी घर में काम नहीं चल सकता।
इस की जरूरत हर छोटे - छोटे कार्य में पड़ती है।
डाइनिंग टेबल पर छुरी - कांटे का क्रास करके रखना अशुभ मानते हैं....!
इस के कारण घर के सदस्यों में झगड़ा हो जाता है।
मेज से चाकू का नीचे गिरना भी अशुभ होता है।
नवजात शिशु के तकिए के नीचे चाकू रखना शुभ होता है तथा छोटे बच्चे के गले में छोटा सा चाकू डालना भी अच्छा होता है।
इस से बच्चों की बुरी आत्माओं से रक्षा होती है व नींद में बच्चे रोते भी नहीं हैं।
यदि कोई व्यक्ति आपको चाकू भेंट करे तो इसके बुरे प्रभाव से बचने के लिए एक सिक्का अवश्य दें।
5-झाडू का शकुन :
घर के एक कोने में पड़े हुए झाडू को घर की लक्ष्मी मानते हैं....!
क्योंकि यह दरिद्रता को घर से बाहर निकालता है।
इस से भी कई शकुन व अपशकुन जुड़े हैं।
दीपावली के त्यौहार पर नया झाडू घर में लाना लक्ष्मी जी के आगमन का शुभ शकुन है।
नए घर में गृह प्रवेश से पूर्व नए झाडू का घर में लाना शुभ होता है।
झाडू के ऊपर पांव रखना गलत समझा जाता है।
यह माना जाता है कि व्यक्ति घर आई लक्ष्मी को ठुकरा रहा है।
कोई छोटा बच्चा अचानक घर में झाडू लगाने लगे तो समझ लीजिए...!
कि घर में कोई अवांछित मेहमान के आने का संकेत है।
सूर्यास्त के बाद घर में झाडू लगाना अपशकुन होता है...!
क्योंकि यह व्यक्ति के दुर्भाग्य को निमंत्रण देता है।
6-बाल्टी का शकुन :
सुबह के समय यदि पानी या दूध से भरी बाल्टी दिखाई दे तो शुभ होता है।
इस से मन में सोचे कार्य पूरे होते हैं।
खाली बाल्टी देखना अपशकुन समझा जाता है, जो बने - बनाए कार्यों को बिगाड़ देता है।
रात को खाली बाल्टी को प्रायः उल्टा करके रखना चाहिए एवं घर में एक बाल्टी को अवश्य भरकर रखें...!
ताकि सुबह उठकर घर के सदस्य उसे देख सकें।
7-लोहे का शकुन :
घर में लोहे का होना शुभ कहा जाता है।
लोहे में एक शक्ति होती है, जो बुरी आत्माओं को घर से भगा देती है।
पुरा ने व जंग लगे लोहे को घर में रखना अशुभ है।
घर में लोहे का सामान साफ करके रखें।
8-हेयरपिन का शकुन :
हेयरपिन एक बहुत ही मामूली सी चीज है....!
परंतु इसका प्रभाव बड़ा आश्चर्यजनक होता है।
यदि किसी व्यक्ति को राह में कोई हेयरपिन पड़ा मिल जाये तो समझो कि उसे कोई नया मित्र मिलने वाला है।
वहीं यदि हेयर पिन खो जाये तो व्यक्ति के नए दुश्मन पैदा होने वाले हैं।
हेयरपिन को घर में कहीं लटका दिया जाए तो यह अच्छे भाग्य का प्रतीक है।
9-काले वस्त्र का शकुन :
काले वस्त्र बहुत अशुभ माने जाते हैं।
किसी व्यक्ति के घर से बाहर जाते समय यदि कोई आदमी काले वस्त्र पहने हुए दिखाई दे तो अपशकुन माना जाता है....!
जिसके बुरे प्रभाव से जाने वाले व्यक्ति की दुर्घटना हो सकती है।
अतः ऐसे व्यक्ति को अपना जाना कुछ मिनट के लिए स्थगित कर देना चाहिए।
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10-रुई का शकुन :
रूई का कोई टुकड़ा किसी व्यक्ति के कपड़ों पर चिपका मिले तो यह शुभ शकुन है।
यह किसी शुभ समाचार आने का संकेत है या किसी प्रिय व्यक्ति के आने का संकेत है।
कहा जाता है कि रूई का यह टुकड़ा व्यक्ति को किसी एक अक्षर के रूप में नजर आता है...!
व यह अक्षर उस व्यक्ति के नाम का प्रथम अक्षर होता है....!
जहां से उस व्यक्ति के लिए शुभ संदेश या पत्र आ रहा है।
11-चाबियों का शकुन :
चाबियों का गुच्छा गृहिणी की संपूर्णता का प्रतीक है।
यदि गृहिणी के पास चाबियों का कोई ऐसा गुच्छा है....!
जिस पर बार - बार साफ करने के बाद भी जंग चढ़ जाए तो यह एक अच्छा शकुन है।
इस के फलस्वरूप घर का कोई रिश्तेदार अपनी जायदाद में से आपको कुछ देना चाहता है...!
या आपके नाम से कुछ धन छोड़कर जाना चाहता है।
चाबियों को बच्चे के तकिए के नीचे रखना भी अच्छा होता है....!
इस से बुरे स्वप्नों एवंबुंरी आत्माओं से बच्चे का बचाव होता है।
12-बटन का शकुन :
कभी - कभी कमीज़, कोट या अन्य कोई कपड़े का बटन गलत लग जाए तो अपशकुन होता है, जिसके अनुसार सीधे काम भी उल्टे पड़ जाएंगे।
इस के दुष्प्रभाव से बचने के लिए कपड़े को उतारकर सही बटन लगाने के बाद पहनें।
यदि रास्ते चलते आपको कोई बटन पड़ा मिल जाए तो यह आपको किसी नए मित्र से मिलवाएगा।
!!!!! शुभमस्तु !!!
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🙏हर हर महादेव हर...!!
जय माँ अंबे ...!!!🙏🙏
" जय द्वारकाधीश"
पंडित प्रभुलाल पी. वोरिया क्षत्रिय राजपूत जडेजा कुल गुरु :-
प्रोफेस्सिनोल ज्योतिष एक्सपर्ट :-
-: 1987 वर्ष से ऊपर ज्योतिष का अनुभव :-
श्री सरस्वती ज्योतिष कार्यालय
(2 गोल्ड मेडलिस्ट ज्योतिष और वास्तु साईंन्स )
" श्री आलबाई निवास ", महा प्रभुजी बैठक के पास ,
एस टी. बस स्टेसन के सामने, बैठक रोड ,
Jamkhambhaliya - 361305 Gujarat – India
Vist us at: www.sarswatijyotish.com
Mob. Number :+91- 9427236337, + 91-9426633096 ,
Skype : astrologer85
आप इसी नंबर पर संपर्क/सन्देश करें...धन्यवाद..
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