Wednesday, October 1, 2025

हस्तरेखा शास्त्र/सामुद्रिक शास्त्र :

हस्तरेखा शास्त्र / सामुद्रिक शास्त्र :


ऐसे पैरों वाली महिलाएं अपने पति के लिए होती हैं साक्षात लक्ष्मी, इनके कदम पड़ने से धन-धान्य से भर जाता है ससुराल :


महिलाओं को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है और विवाह के पश्चात उन्हें गृह लक्ष्मी का दर्जा मिलता है। 

माना जाता है जिस घर में भी लड़कियां होती हैं। 

वहां कभी भी किसी चीज की कमी नहीं होती है और हमेशा घर में खुशनुमा माहौल बना रहता है। 

लेकिन सामुद्रिक शास्त्र और हस्तरेखा विज्ञान में महिलाओं के पैरों के बारे में कुछ ऐसी विशेषताएं बताई गई हैं...! 

जो उन्हें अन्य स्त्रियों से थोड़ा सा अलग बनाती हैं। 

कहा जाता है कि किसी भी स्त्री के पैरों की बनावट और आकार को देखकर हम जान सकते हैं कि भविष्य में उनका जीवन और स्वभाव कैसा है। 

छोटे, बड़े, मोटे, लंबे, चौड़े आदि पैरों को लेकर हस्तरेखा विज्ञान में अलग - अलग मान्यताएं हैं...! 

जिनसे आप यह ज्ञात कर सकते हैं कि आपका आने वाला समय कैसा होने वाला है। 

तो आइए जानते हैं कि हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार कैसे पैरों वाली महिलाओं को भाग्यशाली और अपने पति के लिए साक्षात लक्ष्मी माना जाता है।

हिंदू धर्म में हर महिला को मां लक्ष्मी का रूप माना गया है और विवाह के पश्चात उन्हें गृह लक्ष्मी का दर्जा दिया जाता है। 

लेकिन शास्त्रों, ग्रंथों और हस्तरेखा विज्ञान में महिलाओं के पैरों की कुछ ऐसी विशेषताओं के बारे में बताया गया है जो उन्हें अन्य स्त्रियों से थोड़ा सा अलग बनाती हैं। 

हर स्त्री के पैर की बनावट अलग - अलग होती है। 

सामुद्रिक शास्त्र और हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, इनमें से कुछ खास पैरों वाली स्त्रियां बहुत भाग्यशाली होती हैं और अपने पति के लिए साक्षात मां लक्ष्मी मानी जाती हैं।






Hashcart Brass Kerala Samai Standing Deepak for Puja - Pooja Diya Engraved Design Traditional Oil Lamp Indian Gift Item

https://amzn.to/4mFbfLx


जीवन में खूब सुख उठाती हैं ऐसी महिलाएं : 

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, जिन महिलाओं के पैर के तलवे बहुत मुलायम और समान होते हैं वे जीवन में खूब सुख उठाती हैं। 

ऐसी लड़कियां हमेशा परिवार को साथ लेकर चलना पसंद करती हैं और दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं। 

लड़कियों के तलवे कोमल होना बताता है कि इनकी रुचि ज्यादातर संगीत, कला या अन्य रचनात्मक कार्यों में रह सकती है। 

ऐसी महिलाएं अपने जीवन में सुखद वातावरण को सबसे ज्यादा महत्व देती हैं। 

ऐसे में ये अपने आसपास खुशनुमा माहौल बनाए रखने का प्रयास करती हैं और जीवनभर सुख उठाती हैं।

ऐसे पैरों वाली महिलाएं अपने पति के लिए होती हैं साक्षात लक्ष्मी :

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, जिन महिलाओं की उंगलियां कोमल और आपस में जुड़ी हुई होती हैं वे जीवन में शुभ फल प्राप्त करती हैं। 

ऐसी महिलाएं अपने सामने वाले की भावनाओं को गहराई से समझती हैं और उनका साथ देने के लिए तैयार रहती हैं। 

जुड़ी उंगलियां मिलनसार व्यक्तित्व को दर्शाती हैं और ये महिलाएं परिवार वालों के साथ हमेशा खड़ी रहती हैं। 
+++ +++
इस स्वभाव के चलते यह विवाह के पश्चात भी सुखी जीवन व्यतीत करती हैं और ससुराल वालों के लिए भी भाग्यशाली मानी जाती हैं। 

इस के अलावा, जिन स्त्रियों के पैर के ऊपर का हिस्सा चिकना, मुलायम और गुदगुदा होता वे भी बहुत भाग्यशाली होती हैं। 

माना जाता है कि ऐसी महिलाएं अपने जीवनसाथी के लिए साक्षात लक्ष्मी होती हैं और विवाह के बाद जिस घर में भी ये कदम रखती हैं वहां कभी भी धन - धान्य की कमी नहीं होती है।

इन महिलाओं को मिलता है धनवान जीवनसाथी :

माना जाता है कि जिन महिलाओं के पैरों में शंख, कमल, ध्वजा या मछली का चिन्ह बना हो उन्हें धनवान जीवनसाथी मिलता है। 

साथ ही, ऐसी महिलाओं को बहुत सौभाग्यशाली माना जाता है जिससे यह ससुराल और समाज में खूब मान - सम्मान प्राप्त करती हैं। 

इन को अपने जीवन में किसी भी चीज की कमी महसूस नहीं होती है और यह परिवार को साथ लेकर चलना पसंद करती हैं। 

इन खास चिन्हों का पैरों पर अंकित होना बताता है कि ऐसी महिलाओं का वैवाहिक जीवन बेहद खुशहाल होता है।





=======

शरीर के इन अंगों पर तिल होना बेहद अशुभ, होती हैं ऐसी परेशानियां जानें क्या कहता है हस्तरेखा विज्ञान :

हर व्यक्ति के शरीर की बनावट अलग-अलग होती है और सभी के शरीर के अलग - अलग अंगों पर तिल मौजूद होते हैं। 

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, ये तिल हमें हमारे व्यक्तित्व और जीवन के बारे में बहुत कुछ बता सकते हैं। 

शरीर पर मौजूद कुछ तिल बहुत शुभ फल प्रदान करने वाले होते हैं तो वहीं, कुछ तिल अशुभ परिणाम देने वाले भी हो सकते हैं। 

आज हम आपको इस लेख में बताएंगे कि सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, शरीर के किन हिस्सों पर मौजूद तिल हमारे लिए शुभ नहीं होते हैं और ये हमारे व्यक्तित्व के बारे में क्या बताते हैं। 

आइए विस्तार से जानें इस बारे में...!

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, शरीर के अलग - अलग अंगों पर मौजूद तिल हमें कई शुभ - अशुभ फल देते हैं। 

आज हम आपको शरीर पर मौजूद कुछ ऐसे तिलों के बारे में बताएंगे...! 

जो हमें शुभ परिणाम नहीं देते हैं और ये जीवन में समस्याओं का सामना करने का संकेत दे सकते हैं।

पसली पर तिल होना देता है ये संकेत : 

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की पसली पर तिल होता है वे बातों को अपने दिल में छुपाकर रखना पसंद करते हैं। 

साथ ही, कोई भी बड़ा काम या किसी नए काम की शुरुआत करने से पहले ये लोग काफी ज्यादा डर जाते हैं। 

इस से जीवन के अहम फैसले लेने में भी इन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 

साथ ही, ये लोग ज्यादा सोच - विचार करने के चलते मानसिक तनाव से भी परेशान रह सकते हैं। 

पसली पर तिल होना यह भी बताता है कि ऐसे लोग दूसरे की भावनाओं को समझने वाले होते हैं। 

इन लोगों को पैसों की तंगी का करना पड़ता है सामना : 

जिन लोगों के नीचे वाले होंठ पर तिल होता है, उनका स्वभाव थोड़ा भावुक और गुस्सैल हो सकता है। 

इन लोगों को जीवन में काफी ज्यादा पैसों की तंगी का सामना करना पड़ता है। 

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार निचले होंठ पर तिल होना इस बात का संकेत भी देता है...! 
+++ +++
कि आपको अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए। 

इस के अलावा, ऐसे लोग बहुत रोमांटिक भी माने जाते हैं। 

इन लोगों को जीवन में सफलता हासिल करने के लिए काफी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। 

इन लोगों को भविष्य में शरीर से जुड़ी किसी समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है।

माथे पर बाईं ओर तिल होना : 

अगर किसी व्यक्ति के माथे पर बाईं ओर काला तिल मौजूद हो, तो इसे अच्छा नहीं माना जाता है। 

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार माथे पर बाईं तरफ तिल होना बताता है कि ऐसे लोग थोड़ी स्वार्थी हो सकते हैं। 

ये लोग सबसे पहले अपने बारे में सोचते हैं और दूसरों की परवाह बाद में करते हैं। 

अगर इनकी बात का अर्थ परिवार वाले गलत समझ लें...! 

तो इन्हें कई बार अपमान का भी सामना करना पड़ सकता है। 

ऐसे में इन लोगों के मन में निराशा की भावना भी जाग सकती है और इन्हें जीवन में कामयाबी हासिल करने के लिए मेहनत भी काफी करनी पड़ती है।

बाएं हाथ की ओर पीठ पर तिल होना :

अगर किसी व्यक्ति के माथे पर बाईं ओर काला तिल मौजूद हो...! 

तो इसे अच्छा नहीं माना जाता है। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार माथे पर बाईं तरफ तिल होना बताता है...! 

कि ऐसे लोग थोड़ी स्वार्थी हो सकते हैं। 

ये लोग सबसे पहले अपने बारे में सोचते हैं और दूसरों की परवाह बाद में करते हैं। 

अगर इनकी बात का अर्थ परिवार वाले गलत समझ लें, तो इन्हें कई बार अपमान का भी सामना करना पड़ सकता है। 

ऐसे में इन लोगों के मन में निराशा की भावना भी जाग सकती है और इन्हें जीवन में कामयाबी हासिल करने के लिए मेहनत भी काफी करनी पड़ती है।

+++
+++

हस्तरेखा शास्त्र :

ऐसी विवाह रेखा वाले शादी को लेकर रहते हैं सतर्क : 

माना जाता है कि जिन लोगों के हाथ पर विवाह रेखा ज्यादा लंबी नहीं होती है...! 

वे अपनी शादी और रिश्तों को लेकर सोच - समझकर फैसला लेना पसंद करते हैं। 

ऐसे लोग काफी संयमित और सतर्क रहते हैं। 

इन्हें अपने रिश्तों और विवाह में फैसले जल्दबाजी में लेना पसंद नहीं होता है। 

छोटी विवाह रेखा यह भी संकेत देती है कि आपके लाइफ में रोमांस और सहानुभूति की भावना थोड़ी कम हो सकती है।

लंबी और सीधी विवाह रेखा का रहस्य :

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हथेली पर एक लंबी और सीधी विवाह रेखा के मौजूद होने का अर्थ होता है कि विवाह के बाद आपके रिश्ते में तालमेल बना रह सकता है। 

विवाह रेखा का गहरा होना इस बात का संकेत होता है कि आपका वैवाहिक जीवन खुशहाली और प्रेम से भरपूर रहेगा। 

साथ ही, आपको भरोसेमंद और सहयोगी जीवनसाथी मिलेगा। 

शादी के बाद आप दोनों ही रिश्ते को हमेशा अटूट और मजबूत बनाए रखने के लिए प्रयास करते हैं। 

साथ ही, हर चुनौती का एक साथ सामना कर सकते हैं।

ऐसी लाइन होने पर शादी होती है सफल :

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, अगर हथेली पर केवल एक विवाह रेखा गहरी बनी हुई हो...! 

तो यह संकेत देती है कि आपको एक वफादार जीवनसाथी मिलेगा और आप उनके साथ हमेशा खुश रहेंगे। 

इस रेखा का अर्थ माना जाता है कि आपका विवाह सफल रहेगा और लंबे समय तक चलेगा। 

ऐसे लोगों को जीवनसाथी बहुत साथ देना वाला मिलता है और शादी के बाद इनका रिश्ता हमेशा मजबूत भी बना रह सकता है।

बाधाओं और कठिनाइयों को दर्शाती है ऐसी विवाह रेखा :

अगर किसी व्यक्ति के हाथ पर विवाह रेखा टूटी हुई हो तो यह संकेत देती है कि आपको वैवाहिक जीवन में कुछ कठिनाइयों और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। 

जीवनसाथी के साथ अक्सर मतभेद हो सकते हैं। 

ऐसे में रिश्ता मजबूत बनाए रखने के लिए दोनों को ही प्रयास करने पड़ सकते हैं। 

टूटी हुई रेखा यह भी संकेत देती है कि चुनौतियों के साथ - साथ खुशनुमा पल भी आपके जीवन में आते रह सकते हैं।

ऐसी रेखा होने पर वैवाहिक जीवन रहता है सुखी :

हथेली पर विवाह रेखा अगर ऊपर की तरफ मुड़ी हुई हो तो यह संकेत देती है कि आपका वैवाहिक जीवन अच्छा रहने वाला है। 

साथ ही, जीवनसाथी के साथ रिश्ता मजबूत बनता है और दोनों के जीवन में सदैव सकरात्मकता बनी रहती है। 

आप दोनों ही एक दूसरे का सहयोग और समर्थन करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। 

ऐसी विवाह रेखा एक सफल शादी का संकेत देती है।

हथेली में दो विवाह रेखा होने का मतलब :

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, अगर हथेली में दो विवाह रेखा एक बराबर लंबाई वाली मौजूद हों तो यह संकेत देती है...! 
+++ +++
कि आपका किसी के साथ बेहद गहरा रिश्ता बन सकता है। 

लेकिन किसी कारणवश विवाह नहीं हो पाता। 

ऐसे में कुछ समय बाद किसी और से शादी करनी पड़ सकती है। 

यह रेखा शादी से जुड़े केवल कुछ संकेत देती है। 

सटीकता के लिए हस्तरेखा शास्त्र में कई और चीजों को भी देखा जाता है।
!!!!! शुभमस्तु !!!
🙏हर हर महादेव हर...!!
जय माँ अंबे ...!!!🙏🙏
पंडित राज्यगुरु प्रभुलाल पी. वोरिया क्षत्रिय राजपूत जड़ेजा कुल गुर: -
श्री सरस्वति ज्योतिष कार्यालय
PROFESSIONAL ASTROLOGER EXPERT IN:- 
-: 1987 YEARS ASTROLOGY EXPERIENCE :-
(2 Gold Medalist in Astrology & Vastu Science) 
" Opp. Shri Satvara vidhyarthi bhuvn,
" Shri Aalbai Niwas "
Shri Maha Prabhuji bethak Road,
JAM KHAMBHALIYA - 361305 (GUJRAT )
सेल नंबर: . + 91- 9427236337 / + 91- 9426633096  ( GUJARAT )
Vist us at: www.sarswatijyotish.com
Skype : astrologer85
Email: prabhurajyguru@gmail.com
Email: astrologer.voriya@gmail.com
आप इसी नंबर पर संपर्क/सन्देश करें...धन्यवाद.. 
नोट ये मेरा शोख नही हे मेरा जॉब हे कृप्या आप मुक्त सेवा के लिए कष्ट ना दे .....
जय द्वारकाधीश....
जय जय परशुरामजी...🙏🙏🙏

No comments:

Post a Comment

हस्तरेखाशास्त्र/सामुद्रिकशास्त्र :

वैदिक हस्तरेखाशास्त्र/सामुद्रिकशास्त्र :  प्रेम और विवाह की सफलता का रहस्य : वैदिक हस्तरेखाशास्त्र अनुसार हथेली का शुक्र पर्वत और जन्म कुंडल...