Tuesday, November 4, 2025

हस्तरेखा शास्त्र/स्वप्न शास्त्र /सामुद्रिक शास्त्र :

हस्तरेखा शास्त्र/स्वप्न शास्त्र /सामुद्रिक शास्त्र : 

स्वप्नों में आभूषणों से सुसज्जित स्त्री का दर्शन, हृदय रेखा का अर्थ, स्नेह का महत्व, नियम, फल एवं उपाय हथेली में ये गुण होने पर भाग्य रेखा देती है धन, सम्मान और करियर में बड़ा पद :

श्री वैदिक ज्योतिषशास्त्रविद्या, श्री खगोलशास्त्रविद्या, श्री हस्तरेखाशास्त्रविद्या, श्री सामुद्रिकशास्त्रविद्या, श्री स्वप्न शास्त्र, श्री ऋग्वेद एवं श्री यजुर्वेद के आलोक में जन्मकुंडली एवं प्रश्नकुंडली के आधार पर विस्तृत विवेचन हिंदू धर्म में ज्योतिषशास्त्र की तरह ही हस्तरेखा विज्ञान का भी बहुत खास महत्व होता है। 

इस में किसी भी व्यक्ति के हाथों की बनावट, पर्वत और रेखाओं को देखकर उसके भविष्य, जीवन व स्वभाव के बारे में पता लगाया जा सकता है। 

हथेली में जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा, हृदय रेखा, स्वास्थ्य रेखा, भाग्य रेखा आदि मौजूद होती हैं। 

जिनकी बनावट, लंबाई और जुड़ाव को देखकर भविष्य के बारे में पता किया जाता है। 

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, भाग्य रेखा हमारी कलाई के पास हथेली के नीचे से शुरू होती है। 

भारतीय सनातन परंपरा में स्वप्न, हस्तरेखा, सामुद्रिक लक्षण, जन्मकुंडली और प्रश्नकुंडली को मानव जीवन के सूक्ष्म संकेतों का माध्यम माना गया है। 

ऋषि - मुनियों ने बताया है कि ईश्वर कभी - कभी मनुष्य को स्वप्नों, शरीर के लक्षणों तथा ग्रहों की स्थिति के माध्यम से भविष्य की घटनाओं का संकेत देते हैं। 

इन संकेतों का उद्देश्य भय उत्पन्न करना नहीं, बल्कि मनुष्य को सतर्क, संयमी और धर्ममय जीवन की ओर प्रेरित करना है।

यह बिल्कुल मध्य से होते हुए मध्यमा उंगली की ओर सीधी जाती है। 

इस रेखा का संबंध करियर, धन, बाधाओं, अवसरों और सफलता से होता है। 

माना जाता है कि एक अच्छी भाग्य रेखा तब ही धन, मान - सम्मान, उच्च पद और प्रतिष्ठा प्रदान करती है जब हाथ में कुछ और विशेष प्रकार के गुण भी मौजूद होते हैं।

हस्तरेखा शास्त्र में हथेली में मौजूद रेखाओं, पर्वतों आदि को देखकर किसी जातक के भविष्य और जीवन के बारे में पता लगाया जाता है। 

इन रेखाओं की लंबाई, बनावट और गहराई बताती है कि हमारे जीवन में सुख ज्यादा है या संघर्ष। 

इन में से भाग्य रेखा करियर, धन, अवसर, बाधाओं और सफलता को दर्शाती है। 

आज हम आपको विस्तार से बताएंगे कि हथेली में भाग्य रेखा के साथ कौन - कौन से गुण होने पर व्यक्ति को धन, सम्मान और करियर में सफलता हासिल होती है।



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ऐसी हथेली होने पर मिलता भाग्य रेखा का पूर्ण लाभ :

इन्हीं संकेतों में एक महत्वपूर्ण स्वप्न है — आभूषणों और शृंगार से सुसज्जित स्त्री का दर्शन। 
इसी प्रकार हस्तरेखा विज्ञान में हृदय रेखा व्यक्ति के प्रेम, स्नेह, दया, करुणा और भावनात्मक स्वभाव का प्रतिनिधित्व करती है। 

जब इन दोनों विषयों का अध्ययन जन्मकुंडली और प्रश्नकुंडली के साथ किया जाता है, तब व्यक्ति के जीवन के अनेक रहस्य स्पष्ट होने लगते हैं।

माना जाता है कि भाग्य रेखा तभी व्यक्ति को पूरा लाभ देती है जब हथेली बिल्कुल समरूप से संतुलित हो और साथ ही, हाथ के बीच वाली गड्ढा ज्यादा गहरा न हो। 

इस प्रकार की हथेली होने पर भाग्य रेखा जातक को करियर में सफलता हासिल कर सकती है। 

स्वप्न में आभूषणों से सुसज्जित स्त्री का दर्शन :

स्वप्न शास्त्र के अनुसार यदि कोई व्यक्ति स्वप्न में सुंदर वस्त्र धारण किए हुए, आभूषणों से अलंकृत, प्रसन्न और तेजस्वी स्त्री को देखता है तो इसे सामान्यतः शुभ संकेत माना जाता है।

इसके लिए हथेली के साथ - साथ उंगलियों का भी सही प्रकार से विकसित, लंबा और सीधा होना जरूरी माना जाता है। 

उंगलियां समतल होकर हथेली से जुड़ी होनी चाहिए और ग्रह क्षेत्रों का भी सही प्रकार से उन्नत होना व कोई दोष न होना जरूरी होता है। 

हथेली में भाग्य रेखा के साथ अगर ये गुण भी मौजूद हों, तो यह सफलता और करियर में उन्नति को दर्शाता है।

ऐसा स्वप्न निम्न संभावनाओं की ओर संकेत कर सकता है—

- जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन।
- धन, वैभव या सम्मान में वृद्धि।
- परिवार में मांगलिक कार्य होने की संभावना।
- दांपत्य जीवन में मधुरता।
- रुके हुए कार्यों के पूर्ण होने के योग।
- लक्ष्मी कृपा और शुभ समाचार की प्राप्ति।

यदि वह स्त्री प्रसन्न होकर मुस्कुरा रही हो तो यह और भी श्रेष्ठ माना जाता है। 
यह संकेत देता है कि व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने वाले हैं।

ऐसी भाग्य रेखा होने पर करियर में आती है बाधाएं :

यदि स्त्री उदास या रोती हुई दिखाई दे

यदि वही स्त्री स्वप्न में रोती हुई, उदास, मैले वस्त्रों में या टूटे हुए आभूषणों के साथ दिखाई दे तो यह सावधानी का संकेत माना जाता है।

ऐसे स्वप्न का अर्थ हो सकता है—

- आर्थिक हानि की संभावना।
- पारिवारिक मतभेद।
- मानसिक तनाव।
- स्वास्थ्य संबंधी चिंता।
- दांपत्य जीवन में अस्थायी कठिनाई।

ऐसी स्थिति में घबराने के स्थान पर ईश्वर का स्मरण, दान और सदाचार अपनाना श्रेष्ठ माना गया है।

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, अगर भाग्य रेखा बिना किसी शाखा के हथेली पर मौजूद हो तो यह कोई फल नहीं आती है। 

ऐसी भाग्य रेखा होने पर व्यक्ति को करियर में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। 

माना जाता है कि भाग्य रेखा हथेली पर ऐसी होनी चाहिए जिसमें शाखाएं और वो बुध, बृहस्पति या सूर्य पर्वत के क्षेत्रों की ओर जाती हो। 

हस्तरेखा विज्ञान के मुताबिक, बिना शाखाओं वाली रेखा व्यक्ति को हानि पहुंचा सकती है। 

अगर भाग्य रेखा की शाखाएं ऊपर की ओर जाती हो, तो उन्हें अच्छा माना जाता है। 

इसके अलावा, छोटी भाग्य रेखा करियर में मुश्किलों को दर्शाती है।

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हथेली में इन गुणों का होना भी है बेहद जरूरी :

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, शीर्ष यानी मस्तिष्क रेखा बिल्कुल सही प्रकार से अंकित होने के साथ - साथ लंबी, सीधी और गहरी भी होनी चाहिए। 

साथ ही, यह रेखा बृहस्पति पर्वत से उदय होती हो और जीवन रेखा को जाकर स्पर्श करे।

हथेली में सूर्य रेखा का होना भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। 

माना जाता है कि इसकी सहायता के बिना किसी भी व्यक्ति को सफलता मिलना बहुत ज्यादा मुश्किल और बाधाओं भरा होता है।

हस्तरेखा विज्ञान के मुताबिक, हाथ के अंगूठे में इच्छा शक्ति और तर्क शक्ति का सही प्रकार से संतुलित होना बेहद जरूरी होता है। 

जन्मकुंडली से स्वप्न का संबंध : 

वैदिक ज्योतिष में केवल स्वप्न देखकर अंतिम निर्णय नहीं किया जाता। 

जन्मकुंडली में चंद्रमा, शुक्र, गुरु, बारहवां भाव तथा पंचम भाव की स्थिति भी देखी जाती है।

यदि—

- चंद्रमा बलवान हो,
- शुक्र शुभ स्थिति में हो,
- गुरु की शुभ दृष्टि हो,

तो शुभ स्वप्नों का फल शीघ्र प्राप्त होने की संभावना बढ़ जाती है।

यदि राहु, केतु या शनि की अधिक अशुभ स्थिति हो तो स्वप्न केवल मानसिक प्रभाव भी हो सकता है।


बता दें कि अंगूठे का पहला पोर अच्छा शक्ति और दूसरा पोर तर्क शक्ति को दर्शाता है।

हथेली में भाग्य रेखा छोटी नहीं होनी चाहिए और लहरदार भी नहीं होनी चाहिए। 

माना जाता है कि ऐसी रेखा जीवन में मुसीबतों, बाधाओं और आर्थिक समस्याओं को दर्शाती है।

अगर भाग्य रेखा जीवन रेखा के अंदर से शुरू होती हो, तो जातक का जीवन प्रेम पर आधारित होता है। 

यानी अगर पुरुष हो तो स्त्री के और अगर स्त्री हो तो पुरुष के प्रेम पर उसका जीवन आधारित माना जाता है।
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ऐसी भाग्य रेखा होने पर सौभाग्य में होती है वृद्धि :

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, अगर भाग्य रेखा हृदय रेखा से मिली हुई हो, तो उस जातक का प्रेम विवाह होता है। 

प्रश्नकुंडली का महत्व :

यदि कोई व्यक्ति विशेष स्वप्न देखकर तुरंत ज्योतिषी से प्रश्न करता है, तो उस समय की प्रश्नकुंडली बनाकर उसके संकेतों की पुष्टि की जाती है।


- लग्न मजबूत हो,
- चंद्रमा शुभ हो,
- लाभ भाव उत्तम हो,

तो स्वप्न शुभ फल देने वाला माना जाता है।

इसी के कारण व्यक्ति के सौभाग्य में भी वृद्धि होती है और जीवन में सुख - समृद्धि बनी रहती है। 


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हस्तरेखा विज्ञान में हृदय रेखा :

हृदय रेखा हथेली की प्रमुख रेखाओं में से एक है।

यह रेखा बताती है—

- व्यक्ति का प्रेमभाव।
- स्नेह।
- करुणा।
- दया।
- भावनात्मक संतुलन।
- संबंध निभाने की क्षमता।
- वैवाहिक व्यवहार।

जिस व्यक्ति की हृदय रेखा स्पष्ट, गहरी और बिना टूटे हो, वह सामान्यतः सच्चा, संवेदनशील और प्रेमपूर्ण स्वभाव का माना जाता है।

कुछ मान्यताएं ऐसी भी हैं कि अगर भाग्य रेखा हृदय रेखा रेखा के पास ही रुक जाए, तो ऐसे में जातक के करियर पर बुरा प्रभाव पड़ता है और उसे कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। 

लेकिन इसके दूसरे मत को हस्तरेखा विज्ञान में अधिक मान्यता दी गई है। 

माना जाता है कि भाग्य रेखा का गंतव्य स्थान शनि पर्वत है और उससे पहले रेखा का रुक जाना भाग्य रेखा के गुणों को रुकने के स्थान पर समाप्त कर देता है।

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ऐसी जीभ वालों को मिलता है जीवन में हर सुख, धन और ज्ञान, जीभ से जानें अपने जीवन के रहस्य :

लंबी और सुंदर हृदय रेखा :

यदि हृदय रेखा लंबी, साफ और ऊपर की ओर सुंदर ढंग से बढ़ती हो तो ऐसे व्यक्ति—

- दूसरों की सहायता करते हैं।
- रिश्तों को महत्व देते हैं।
- विश्वास बनाए रखते हैं।
- परिवार से प्रेम करते हैं।
- धार्मिक प्रवृत्ति रखते हैं।

ऐसे लोगों को समाज में सम्मान भी मिलता है।

हस्तरेखा शास्त्र में जिस प्रकार किसी व्यक्ति के हाथों की रेखा और पर्वत देखकर उसके जीवन, स्वभाव और भविष्य के बारे में जाना जाता है। 

उसी प्रकार सामुद्रिक शास्त्र और हस्तरेखा विज्ञान में जातक के शरीर के अलग - अलग अंगों की बनावट को देखकर उसके जीवन व व्यक्तित्व के बारे में जाना जाता है। 

हर किसी की जीभ का रंग, बनावट और आकार अलग - अलग होता है। 

हस्तरेखा विज्ञान में इन्हीं के अनुसार जीवन के बारे में बहुत कुछ पता लगाया जाता है। 
आज हम आपको बताएंगे कि जीभ की बनावट, रंग आदि हमें हमारे जीवन और स्वभाव के बारे में क्या - क्या बताती है।

हस्तरेखा विज्ञान और सामुद्रिक शास्त्र में किसी व्यक्ति के शरीर के अलग - अलग अंगों की बनावट को देखकर उसके जीवन और स्वभाव के बारे में जाना जाता है। 

हर जातक की जीभ का रंग, आकार आदि अलग - अलग होता है। 

इन के बारे में हस्तरेखा विज्ञान में बहुत कुछ बताया गया है। 

ऐसे में आइए जानते हैं कि कैसी जीभ वाले लोग बेहद सुखी और धनवान होते हैं।

भाग्यवान और बहुत सुखी होते हैं ऐसी जीभ वाले लोग :

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, जिन लोगों की जीभ नाक पर जाकर स्पर्श होती हो। 

ऐसे लोगों को बहुत भाग्यवान माना जाता है। 

ऐसी जीभ वाले लोगों को हमेशा भाग्य का साथ मिलता है और ये जीवन में कोई बड़ी सफलता भी हासिल करते हैं। 

माना जाता है कि ऐसी जीभ वाले लोग बहुत सुखी होते हैं और अपने जीवन में हर सुख के साधन भी प्राप्त कर लेते हैं।
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ज्ञानी, बुद्धिमान और चतुर होते हैं ऐसी जीभ वाले लोग :

जिस व्यक्ति की जीभ लाल पतली और एकदम नरम हो, वे बहुत ज्ञानी होते हैं। 

इनका पढ़ाई - लिखाई में खूब मन लगता है और हर जगह से न्याय ज्ञान प्राप्त करना भी इन्हें बेहद पसंद आता है। 

टूटी हुई हृदय रेखा :

यदि हृदय रेखा कई स्थानों पर टूटी हुई हो तो यह संकेत दे सकती है—

- भावनात्मक आघात।
- प्रेम में निराशा।
- मानसिक तनाव।
- संबंधों में उतार-चढ़ाव।

किन्तु केवल एक रेखा देखकर भविष्य निश्चित नहीं किया जाता। 
अन्य रेखाओं तथा जन्मकुंडली का भी अध्ययन आवश्यक होता है।
वहीं, अपनी बुद्धिमानी और चतुराई से इन्हें अपने कार्यक्षेत्र में भी सफलता प्राप्त होती है। 


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सामुद्रिक शास्त्र का दृष्टिकोण :

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार व्यक्ति के मुख, नेत्र, चाल, वाणी, हाथ, पैर और शरीर की बनावट उसके स्वभाव का परिचय देती है।

यदि किसी व्यक्ति के चेहरे पर तेज, वाणी में मधुरता और हृदय रेखा मजबूत हो तो ऐसा व्यक्ति सामान्यतः स्नेही, दयालु और विश्वसनीय माना जाता है।

साथ ही, मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति से भी ये बहुत समझदारी से बाहर निकल जाते हैं। 

लाल और पतली जीभ वाले लोग बेहद धार्मिक भी होते हैं और भगवान के सच्चे भक्त बन सकते हैं।

सौभाग्यशाली होती हैं ऐसी जीभ वाली लड़कियां :

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, जिन लड़कियों की जीभ कोमल, लाल और पतली होती है वे बहुत ही सौभाग्यशाली होती हैं। 

साथ ही, इन्हें जीवन में हर सुख प्राप्त होता है। 

विवाह से पहले और उसके बाद का जीवन भी इनका हमेशा खुशनुमा और शांतिपूर्ण बना रहता है। 

करियर में भी ये अपनी मेहनत और भाग्य से अच्छा मुकाम हासिल करते हैं और सुखी जीवन व्यतीत करती हैं।
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ऐसी लड़कियों को मिलता है श्रेष्ठ जीवनसाथी :

कहा गया जाता है कि जिन लड़कियों की जीभ लाल रंग की होती है उन्हें श्रेष्ठ जीवनसाथी मिलता है और विवाह के पश्चात इनका जीवन बेहद खुशहाल रहता है। 

इन लड़कियों को कभी भी किसी चीज की कमी नहीं होती है और धन का मामले में भी इन्हें किसी कमी का सामना नहीं करना पड़ता है। 

वहीं, जिन लड़कियों की जीभ मोटी होती है उन्हें अपने जीवन में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और हस्तरेखा विज्ञान के मुताबिक, इन्हें समय से पहले किसी मुसीबत से भी गुजरना पड़ सकता है।
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ऐसी जीभ वालों को पूर्ण सुख - वैभव होता है प्राप्त :

जिन लोगों की जीभ के आगे का भाग नुकीला होता है और थोड़ी लंबाई लिए रखता है, तो इसे बहुत भाग्यशाली माना जाता है। 
स्नेह का वास्तविक महत्व

वेदों में स्नेह को केवल भावनात्मक संबंध नहीं, बल्कि धर्म का आधार माना गया है।

जहाँ स्नेह होता है—

- वहाँ परिवार में शांति रहती है।
- संबंध मजबूत होते हैं।
- समाज में सम्मान मिलता है।
- ईश्वर की कृपा बनी रहती है।

क्रोध, ईर्ष्या और अहंकार स्नेह को नष्ट करते हैं, जबकि क्षमा, दया और सेवा उसे बढ़ाते हैं।

ग्रहों का प्रभाव :

शुक्र :

शुक्र प्रेम, सौंदर्य, वैभव और दांपत्य का कारक है।

शुभ शुक्र—

- सुख,
- सौंदर्य,
- धन,
- कला,
- आकर्षण प्रदान करता है।

चंद्रमा :

चंद्रमा मन और भावनाओं का स्वामी है।

शुभ चंद्रमा—

- मानसिक शांति,
- प्रेम,
- दया,
- करुणा देता है।

गुरु :

गुरु धर्म, ज्ञान और सदाचार का प्रतिनिधि है।

गुरु की शुभ दृष्टि व्यक्ति के स्नेह को पवित्र और स्थायी बनाती है।

शुभ संकेत :

यदि किसी व्यक्ति को बार-बार—

- आभूषण,
- देवी स्वरूप स्त्री,
- दीपक,
- मंदिर,
- स्वर्ण,
- कमल,
- गाय,
- स्वच्छ जल

का दर्शन हो तो सामान्यतः यह शुभ संकेत माना जाता है।

अशुभ संकेत

यदि स्वप्न में—

- टूटे आभूषण,
- रोती हुई स्त्री,
- अंधकार,
- गंदे वस्त्र,
- टूटे मंदिर

दिखाई दें तो संयम और सावधानी आवश्यक मानी जाती है।

उपाय :

यदि स्वप्न अशुभ प्रतीत हो या कुंडली में ग्रह पीड़ित हों तो निम्न उपाय किए जा सकते हैं—

1. प्रतिदिन प्रातः भगवान सूर्य को जल अर्पित करें।
2. माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करें।
3. शुक्रवार को सफेद वस्त्र, चावल या मिठाई का दान करें।
4. गौ सेवा एवं गौ-भोजन कराएं।
5. माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करें।
6. गरीब कन्याओं की यथाशक्ति सहायता करें।
7. घर में स्वच्छता और सात्त्विक वातावरण बनाए रखें।
8. नियमित रूप से गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
9. क्रोध, ईर्ष्या और कटु वचन से बचें।
10. सत्य, दया और सेवा का पालन करें।

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, ऐसे लोगों को जीवन में बहुत कम दुखों का सामना करना पड़ता है। 

साथ ही, इन्हें अपने जीवन में हर प्रकार का सुख और वैभव प्राप्त होता है। 

करियर में भी ये बड़ी ऊंचाइयों को छुते हैं और खूब धन कमाते हैं। 

इसी के चलते इन्हें पैसों की समस्या भी बहुत कम होती है।

महत्वपूर्ण सावधानी :

स्वप्न शास्त्र, हस्तरेखा विज्ञान और ज्योतिष संकेत प्रदान करते हैं। 

किसी भी एक स्वप्न या एक रेखा के आधार पर जीवन का अंतिम निर्णय नहीं किया जाना चाहिए। 

अनुभवी विद्वान द्वारा जन्मकुंडली, प्रश्नकुंडली, दशा, गोचर, हस्तरेखा तथा जीवन परिस्थितियों का समन्वित अध्ययन करने के बाद ही उचित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

आभूषणों से सुसज्जित स्त्री का स्वप्न अधिकांश परिस्थितियों में शुभता, समृद्धि, सौभाग्य और लक्ष्मी कृपा का संकेत माना जाता है। 

वहीं हस्तरेखा की हृदय रेखा मनुष्य के प्रेम, स्नेह, दया और भावनात्मक जीवन का दर्पण है। 

जब इन संकेतों का अध्ययन वैदिक ज्योतिष, प्रश्नकुंडली, सामुद्रिक शास्त्र और हस्तरेखा विज्ञान के साथ किया जाता है, तब जीवन के अनेक रहस्य स्पष्ट होने लगते हैं।

धर्म, सदाचार, सेवा, दान, सत्य, माता-पिता का सम्मान, गुरु की कृपा और ईश्वर की भक्ति — 

ये ऐसे उपाय हैं जो किसी भी ग्रहदोष के प्रभाव को कम करने और जीवन में सुख, शांति, समृद्धि तथा सच्चे स्नेह की वृद्धि में सहायक माने गए हैं। 

इस लिए स्वप्नों को केवल भविष्यवाणी नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और आध्यात्मिक उन्नति का संदेश मानकर जीवन में सद्गुणों को अपनाना ही सर्वोत्तम मार्ग है।
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