हथेली में ये गुण होने पर भाग्य रेखा देती है धन, सम्मान और करियर में बड़ा पद :
हथेली में ये गुण होने पर भाग्य रेखा देती है धन, सम्मान और करियर में बड़ा पद :
हिंदू धर्म में ज्योतिषशास्त्र की तरह ही हस्तरेखा विज्ञान का भी बहुत खास महत्व होता है।
इसमें किसी भी व्यक्ति के हाथों की बनावट, पर्वत और रेखाओं को देखकर उसके भविष्य, जीवन व स्वभाव के बारे में पता लगाया जा सकता है।
हथेली में जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा, हृदय रेखा, स्वास्थ्य रेखा, भाग्य रेखा आदि मौजूद होती हैं।
जिनकी बनावट, लंबाई और जुड़ाव को देखकर भविष्य के बारे में पता किया जाता है।
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, भाग्य रेखा हमारी कलाई के पास हथेली के नीचे से शुरू होती है।
यह बिल्कुल मध्य से होते हुए मध्यमा उंगली की ओर सीधी जाती है।
इस रेखा का संबंध करियर, धन, बाधाओं, अवसरों और सफलता से होता है।
माना जाता है कि एक अच्छी भाग्य रेखा तब ही धन, मान - सम्मान, उच्च पद और प्रतिष्ठा प्रदान करती है जब हाथ में कुछ और विशेष प्रकार के गुण भी मौजूद होते हैं।
आइए विस्तार से जानें इसके बारे में...!
Semi Automatic Folding 2kg Top Loading Mini Washing Machine with Dryer Deep Cleaning for Underwear Washing Machine Clothes Washer (Multi)
https://amzn.to/3VEIyU5
हस्तरेखा शास्त्र में हथेली में मौजूद रेखाओं, पर्वतों आदि को देखकर किसी जातक के भविष्य और जीवन के बारे में पता लगाया जाता है।
इन रेखाओं की लंबाई, बनावट और गहराई बताती है कि हमारे जीवन में सुख ज्यादा है या संघर्ष।
इनमें से भाग्य रेखा करियर, धन, अवसर, बाधाओं और सफलता को दर्शाती है।
+++
+++
आज हम आपको विस्तार से बताएंगे कि हथेली में भाग्य रेखा के साथ कौन - कौन से गुण होने पर व्यक्ति को धन, सम्मान और करियर में सफलता हासिल होती है।
ऐसी हथेली होने पर मिलता भाग्य रेखा का पूर्ण लाभ :
माना जाता है कि भाग्य रेखा तभी व्यक्ति को पूरा लाभ देती है जब हथेली बिल्कुल समरूप से संतुलित हो और साथ ही, हाथ के बीच वाली गड्ढा ज्यादा गहरा न हो।
इस प्रकार की हथेली होने पर भाग्य रेखा जातक को करियर में सफलता हासिल कर सकती है।
इसके लिए हथेली के साथ - साथ उंगलियों का भी सही प्रकार से विकसित, लंबा और सीधा होना जरूरी माना जाता है।
उंगलियां समतल होकर हथेली से जुड़ी होनी चाहिए और ग्रह क्षेत्रों का भी सही प्रकार से उन्नत होना व कोई दोष न होना जरूरी होता है।
हथेली में भाग्य रेखा के साथ अगर ये गुण भी मौजूद हों, तो यह सफलता और करियर में उन्नति को दर्शाता है।
ऐसी भाग्य रेखा होने पर करियर में आती है बाधाएं :
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, अगर भाग्य रेखा बिना किसी शाखा के हथेली पर मौजूद हो तो यह कोई फल नहीं आती है।
ऐसी भाग्य रेखा होने पर व्यक्ति को करियर में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
माना जाता है कि भाग्य रेखा हथेली पर ऐसी होनी चाहिए जिसमें शाखाएं और वो बुध, बृहस्पति या सूर्य पर्वत के क्षेत्रों की ओर जाती हो।
हस्तरेखा विज्ञान के मुताबिक, बिना शाखाओं वाली रेखा व्यक्ति को हानि पहुंचा सकती है।
अगर भाग्य रेखा की शाखाएं ऊपर की ओर जाती हो, तो उन्हें अच्छा माना जाता है।
इसके अलावा, छोटी भाग्य रेखा करियर में मुश्किलों को दर्शाती है।
ऐसी भाग्य रेखा होने पर सौभाग्य में होती है वृद्धि :
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, अगर भाग्य रेखा हृदय रेखा से मिली हुई हो, तो उस जातक का प्रेम विवाह होता है।
इसी के कारण व्यक्ति के सौभाग्य में भी वृद्धि होती है और जीवन में सुख - समृद्धि बनी रहती है।
कुछ मान्यताएं ऐसी भी हैं कि अगर भाग्य रेखा हृदय रेखा रेखा के पास ही रुक जाए, तो ऐसे में जातक के करियर पर बुरा प्रभाव पड़ता है और उसे कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है।
लेकिन इसके दूसरे मत को हस्तरेखा विज्ञान में अधिक मान्यता दी गई है।
माना जाता है कि भाग्य रेखा का गंतव्य स्थान शनि पर्वत है और उससे पहले रेखा का रुक जाना भाग्य रेखा के गुणों को रुकने के स्थान पर समाप्त कर देता है।
हथेली में इन गुणों का होना भी है बेहद जरूरी :
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, शीर्ष यानी मस्तिष्क रेखा बिल्कुल सही प्रकार से अंकित होने के साथ - साथ लंबी, सीधी और गहरी भी होनी चाहिए।
साथ ही, यह रेखा बृहस्पति पर्वत से उदय होती हो और जीवन रेखा को जाकर स्पर्श करे।
हथेली में सूर्य रेखा का होना भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है।
माना जाता है कि इसकी सहायता के बिना किसी भी व्यक्ति को सफलता मिलना बहुत ज्यादा मुश्किल और बाधाओं भरा होता है।
हस्तरेखा विज्ञान के मुताबिक, हाथ के अंगूठे में इच्छा शक्ति और तर्क शक्ति का सही प्रकार से संतुलित होना बेहद जरूरी होता है।
बता दें कि अंगूठे का पहला पोर अच्छा शक्ति और दूसरा पोर तर्क शक्ति को दर्शाता है।
हथेली में भाग्य रेखा छोटी नहीं होनी चाहिए और लहरदार भी नहीं होनी चाहिए।
माना जाता है कि ऐसी रेखा जीवन में मुसीबतों, बाधाओं और आर्थिक समस्याओं को दर्शाती है।
अगर भाग्य रेखा जीवन रेखा के अंदर से शुरू होती हो, तो जातक का जीवन प्रेम पर आधारित होता है।
यानी अगर पुरुष हो तो स्त्री के और अगर स्त्री हो तो पुरुष के प्रेम पर उसका जीवन आधारित माना जाता है।
!!!!! शुभमस्तु !!!
🙏हर हर महादेव हर...!!
जय माँ अंबे ...!!!🙏🙏
पंडित राज्यगुरु प्रभुलाल पी. वोरिया क्षत्रिय राजपूत जड़ेजा कुल गुर: -
श्री सरस्वति ज्योतिष कार्यालय
PROFESSIONAL ASTROLOGER EXPERT IN:-
-: 1987 YEARS ASTROLOGY EXPERIENCE :-
(2 Gold Medalist in Astrology & Vastu Science)
" Opp. Shri Satvara vidhyarthi bhuvn,
" Shri Aalbai Niwas "
Shri Maha Prabhuji bethak Road,
JAM KHAMBHALIYA - 361305 (GUJRAT )
सेल नंबर: . + 91- 9427236337 / + 91- 9426633096 ( GUJARAT )
Vist us at: www.sarswatijyotish.com
Skype : astrologer85
Email: prabhurajyguru@gmail.com
Email: astrologer.voriya@gmail.com
आप इसी नंबर पर संपर्क/सन्देश करें...धन्यवाद..
नोट ये मेरा शोख नही हे मेरा जॉब हे कृप्या आप मुक्त सेवा के लिए कष्ट ना दे .....
जय द्वारकाधीश....
जय जय परशुरामजी...🙏🙏🙏
No comments:
Post a Comment