Tuesday, September 15, 2026

हस्तरेखाशास्त्र/सामुद्रिकशास्त्र :

हस्तरेखाशास्त्र/सामुद्रिकशास्त्र : 

हस्तरेखाशास्त्र/सामुद्रिकशास्त्र : 

नाखून पर ऐसे निशान तरक्की और भाग्य में बाधा का अलर्ट, बताते हैं ग्रह दशा ठीक नहीं, करें उपाय 


लाल किताब के अनुसार, उंगलियों के नाखूनों के आकार, प्रकार और रंग अलग-अलग ग्रहों की स्थिति से जुड़े संकेत देते हैं। नाखूनों को देखकर यह जाना जा सकता है कि किस ग्रह की स्थिति कमजोर है। ऐसे में कुछ सरल उपायों के साथ ग्रहों के अशुभ प्रभावों को कम किया जा सकता है। आइए विस्तार से जानें नाखूनों पर अलग-अलग ग्रह के संकेत, प्रभाव और


हर ग्रह का व्यक्ति के जीवन पर अलग-अलग प्रभाव होता है। अगर कुंडली में किसी ग्रह की स्थिति कमजोर हो तो यह भाग्य को भी बाधित करता है। ग्रहों की स्थिति के बारे में नाखून से भी जाना जा सकता है। लाल किताब के अनुसार, नाखून का आकार, प्रकार और रंग भी हमें ग्रहों की स्थिति से जुड़े संकेत देते हैं। अगर नाखून हरे रंग के हों, तो यह बुध के कमजोर होने का संकेत होता है। इसी प्रकार हर ग्रह के अलग-अलग संकेत नाखूनों पर नजर आते हैं। लाल किताब में हस्तरेखा, पर्वत, निशान, नाखून आदि के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं। आज हम इनमें से नाखून से जुड़े संकेतों के बारे में पं. राकेश झा से जानेंगे कि अलग-अलग ग्रहों के कमजोर होने पर नाखूनों पर कैसे संकेत दिखाई देते हैं, इनका प्रभाव क्या होता है और सरल उपाय।


बुध कमजोर होने के लक्षण :


अगर बुध ग्रह की स्थिति कमजोर हो, तो इसका प्रभाव हाथ के नाखूनों पर भी नजर आने लगता है। लाल किताब के अनुसार, ऐसे जातकों के हाथ की अंगुलियों के नाखून गोल होते हैं या नाखून में हल्का हरापन नजर आ सकता है।



कमजोर बुध के प्रभाव : बुध ग्रह बुद्धि, वाणी और व्यापार में व्यक्ति को तरक्की दिलाता है। लेकिन अगर इसका प्रभाव शुभ न हो, तो जातक को शिक्षा के क्षेत्र में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, व्यापार में भी समस्याएं आने लगती हैं जो आर्थिक समस्या का कारण बनता है।



कमजोर बुध के उपाय : जीवन में बुध की अनुकूलता बनाए रखने के लिए बुधवार के दिन हरे रंग के कपड़े धारण करें और गाय को हरा चारा खिलाएं। इसके अलावा, भगवान गणेश की पूजा करें और बुध के मंत्र 'ओम बुं बुधाय नमः' का कम से कम 108 बार जप करें।


राहु कमजोर होने के लक्षण :


कुंडली में राहु की स्थिति कमजोर हो, तो ऐसे जातक के नाखून चौड़े होते हैं या बिना किसी चोट के भी वो नीले रंग के नजर आ सकते हैं। लाल किताब के अनुसार, हाथ के नाखून झुके हुए , टेढ़े या सिक्के के समान रंग के नजर आए तो यह भी कमजोर राहु का संकेत होता है।


कमजोर राहु के प्रभाव : राहु कमजोर हो तो व्यक्ति के मन में हमेशा एक अजीब सा डर बना रहता है। साथ ही, कई बार अचानक भ्रम की स्थिति बनने लगते हैं जिससे निर्णय लेने में भी उलझन का सामना करना पड़ता है। इसका प्रभाव स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। लाल किताब के अनुसार राहु के अशुभ प्रभाव से मांसपेशियों और रक्त संबंधी समस्या हो सकती है।


कमजोर राहु के उपाय : नियमित 'ओम रां राहवे नमः' मंत्र का 108 बार जप करें। साथ ही, शिवजी के मंदिर जाकर उन्हें जल अर्पित करें।


शुक्र कमजोर होने के लक्षण :


अगर हाथ के नाखून छोटे-छोटे हों और उनका रंग सफेद नजर आए तो यह कमजोर शुक्र का संकेत होता है। ऐसे जातकों को शुक्र के प्रतिकूल प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है।


कमजोर शुक्र के प्रभाव : शुक्र सौंदर्य, सुखद दांपत्य जीवन, ऐश्वर्य और सुख-सुविधाओं में वृद्धि करता है। लेकिन अगर कुंडली में शुक्र की स्थिति कमजोर हो तो ऐसी स्थिति में जातक को वैवाहिक जीवन में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सुखों में बाधाएं आने लगती हैं और यह आर्थिक तंगी का कारण भी बन सकता है।


कमजोर शुक्र के उपाय : शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं जैसे- दूध, दही, चीनी आदि का दान करें। साथ ही, शुक्र के मंत्र 'ओम शुं शुक्राय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। संभव हो तो शुक्रवार को गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करें।


बृहस्पति कमजोर होने के लक्षण :


अगर नाखून का साइज बहुत छोटा हो और वे पीले रंग के हों तो यह गुरु ग्रह के कमजोर होने का संकेत होता है। इसके अलावा लंबे नाखून और सोने समान रंग के दिखने वाले नाखून भी कमजोर बृहस्पति का संकेत होते हैं।


कमजोर बृहस्पति के प्रभाव : गुरु ग्रह को धन, भाग्य, ज्ञान, विवाह आदि का कारक माना गया है। अगर कुंडली में बृहस्पति की स्थिति कमजोर हो तो जातक को करियर में रुकावट और भाग्य में कमी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, विवाह में बाधा या दांपत्य जीवन में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।


कमजोर बृहस्पति के उपाय : गुरुवार के दिन पीली वस्तुएं जैसे- केले, पीले वस्त्र, चने की दाल आदि का दान करें। साथ ही, अगर संभव हो तो पीले रंग के वस्त्र धारण करें और पानी में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर स्नान करें।


केतु कमजोर होने के लक्षण :


लाल किताब के अनुसार, नाखून अगर बहुत लंबे और अधिक तंग नजर आए तो यह कमजोर केतु का संकेत होता है। इसके अलावा, चितकबरे रंग के नाखून होना भी कमजोर केतु का संकेत हैं।


कमजोर केतु के प्रभाव : ज्योतिषशास्त्र में केतु को छाया ग्रह माना गया है। जिस भी भाव में केतु की स्थिति कमजोर हो यह उस भाव के शुभ फल को कम कर देता है। इसके प्रभाव से भाग्य में कमी और निर्णय लेने में भी उलझन जैसी स्थिति बन सकती है। यह मानसिक भ्रम और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।


कमजोर केतु के उपाय : भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें दूर्वा जरूर अर्पित करें। कुत्ते को रोटी खिलाना भी शुभ माना जाता है। इसके अलावा, केतु के मंत्र 'ओम कें केतवे नमः' का कम से कम 108 बार जप करें।


शनि कमजोर होने के लक्षण :


अगर किसी जातक के हाथ के नाखून मध्यम आकार हों और उनमें कालापन दिखाई दे, तो यह शनि की प्रतिकूलता को दर्शा सकता है। शनिदेव को न्याय के देवता माना गया है जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं।


कमजोर शनि के प्रभाव : शनि की स्थिति कमजोर होने पर जातक को करियर में लगातार प्रयासों और मेहनत के बाद भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते हैं। वहीं, जातक को कार्यों में भी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। शनि के अशुभ प्रभाव से जीवन में संघर्षों का सामना करना पड़ सकता है।


कमजोर शनि के उपाय : शनिवार के दिन जरूरतमंदों को काला छाता, काले वस्त्र, काले तिल आदि का दान करें। साथ ही, शनिदेव के मंदिर में सरसों का तेल अर्पित करें और 'ओम शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें।

हर हर महादेव जय मां अंबे मां !!!!! शुभमस्तु !!! 


No comments:

Post a Comment

हस्तरेखाशास्त्र/सामुद्रिकशास्त्र :

हस्तरेखाशास्त्र/सामुद्रिकशास्त्र :  हस्तरेखाशास्त्र/सामुद्रिकशास्त्र :  नाखून पर ऐसे निशान तरक्की और भाग्य में बाधा का अलर्ट, बताते हैं ग्रह...